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About Scheme –
हरियाणा राज्य में धान (Paddy) की खेती बहुत बड़े क्षेत्र में की जाती है, जिसके कारण भूजल का अत्यधिक दोहन हो रहा है और मिट्टी की उर्वरता भी लगातार कम हो रही है। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, हरियाणा सरकार ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए फसल विविधीकरण कार्यक्रम (Crop Diversification Programme) शुरू किया है।
यह योजना RKVY (राष्ट्रीय कृषि विकास योजना) के अंतर्गत वर्ष 2024-25 से लागू की गई है। इसका उद्देश्य धान की जगह कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देना है।
योजना किन जिलों में लागू है?
यह योजना उन जिलों में लागू की गई है जहाँ धान की खेती अधिक होती है, जैसे:
- अंबाला
- फतेहाबाद
- हिसार
- जींद
- करनाल
- कैथल
- कुरुक्षेत्र
- पानीपत
- रोहतक
- सोनीपत
- सिरसा
- यमुनानगर
इन जिलों में धान का रकबा 1.25 लाख एकड़ से अधिक है।
योजना का लक्ष्य
- मक्का (Maize) : 710 एकड़
- दलहन फसलें (मूंग, उड़द, अरहर) : 500 एकड़
- एग्रो-फॉरेस्ट्री (Agro-Forestry) : 3998 एकड़
- (पॉपलर + गेहूं की अंतरफसल)
किसानों को मिलने वाला प्रोत्साहन (Incentive)
सरकार किसानों को निम्नलिखित वित्तीय सहायता दे रही है:
- मक्का : ₹2400 प्रति एकड़
- दलहन (मूंग, उड़द, अरहर) : ₹3600 प्रति एकड़
- एग्रो-फॉरेस्ट्री (पॉपलर + गेहूं) : ₹2000 प्रति एकड़
- पावर स्प्रे पंप सेट :
- कुल 600 किसानों को
- ₹3000 प्रति पंप सेट की सब्सिडी
भुगतान प्रक्रिया
- प्रोत्साहन राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से
- सीधे किसानों के बैंक खाते में
- भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के बाद भेजी जाएगी
पंजीकरण (Registration)
- किसानों का agrimachinery.haryana.gov.in वेबसाइट पर पंजीकरण अनिवार्य है
- योजना से लाभ लेने के लिए समय पर आवेदन करना जरूरी है
महत्वपूर्ण तिथियाँ (Important Dates)
- पंजीकरण शुरू होने की तिथि : 24 दिसंबर 2025
- पंजीकरण की अंतिम तिथि : 15 जनवरी 2026
अन्य जानकारी
- किसानों को जागरूक करने के लिए जिला स्तर पर मेले (District Level Melas) आयोजित किए जाएंगे
- इस योजना पर राज्य सरकार द्वारा लगभग ₹37 करोड़ खर्च किए जाएंगे
